
सेजेस महामाया पामगढ़ में हिंदी दिवस समारोह का किया गया आयोजन…

पामगढ 16 सितंबर 2025,
स्वामी आत्मानंद शासकीय महामाया उत्कृष्ट हिंदी /अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पामगढ़ में 14 सितंबर 2025 हिंदी दिवस के अवसर पर आज 15 सितम्बर 2025 को रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं अतिथियों द्वारा धूप दीप प्रज्वलित कर किया गया तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत गीत संस्था के प्रधान पाठक आदरणीय जसवंत आदिले एवं वरिष्ठ व्याख्याता बसावन लहरे द्वारा संगीत के माध्यम से हिंदी की पद्य रचना को अपनी गीत के माध्यम से सुनाये जिसे सुनकर सभी उपस्थित जन भाव विभोर हो गए। उसके बाद अतिथियों का फूल माला आदि से स्वागत किया गया ।
तत्पश्चात हमारे स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा शानदार रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति दिए इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आदरणीय गुलाब भारद्वाज प्राचार्य शासकीय लक्ष्मणेश्वर महाविद्यालय खरौद, वरिष्ठ प्राध्यापक चंद्रभान खूंटे , हिंदी के प्रोफेसर अनिल कुमार नेताम , शासकीय अंम्बेडकर महाविद्यालय पामगढ़ के प्रोफेसर साहनूराम महेंद्र , रमेश भार्गव प्राचार्य स्वामी आत्मानंद हिंदी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैंसो, कुंज किशोर प्राचार्य सेजेस डोंगाकोहरौद, पी एल महिपाल प्राचार्य शासकीय हाई स्कूल मेंऊ, संतोष कुमार अनंत प्राचार्य शासकीय हाई स्कूल मेंहदी ,संस्था के प्राचार्य आर के बंजारे जी कार्यक्रम में उपस्थित रहे । इसके अलावा संस्था के व्याख्याता अंजना किरन केरकेट्टा चंद्रशेखर यादव गौरी साहू मंजू जायसवाल , यशोदा गुप्ता , राजू पटेल, मिंज सर , प्रांतिका गोस्वामी , अनामिका दुबे , कुमारी हर्षा , हिमांशु पटेल , कुमारी अंकिता ठाकुरजी , लीना वैष्णवजी, शहनाज कुरैशी , सीमा कैवतर्य , अविनाश टोप्पो , मधु डहरिया , कुसांक , कौशिकी साहू , कु साक्षी चौबे, गामिनी भोई , कुमारी संगीता रात्रे, कु. निकिता जांगड़े, बरुण दास, स्वर्णिमा साहू , विनय साहू सहायक ग्रेड 2, घनश्याम साहू जी सहायक ग्रेड 3 , राजेश तिवारी के अलावा बड़ी संख्या में छात्र एवं छात्राएं आदि उपस्थित रहे।
कुंज किशोर द्वारा हिंदी भाषा के इतिहास हिंदी भाषा दिवस क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस मनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी ? इस पर विस्तार से बच्चों को बताएं, संतोष अनंत प्राचार्य द्वारा स्वरचित कविता मां महामाया की महिमा प्रस्तुत किए गए । प्राचार्य भारद्वाज द्वारा हिंदी भाषा की संवैधानिक व्यवस्था एवं हमारे देश में प्रमुख रूप से बोले जाने वाली बोली, भाषा उपभाषा आदि की विस्तार से जानकारी दिए ,हिंदी के प्रोफेसर आदरणीय अनिल कुमार नेताम ने हिंदी भाषा की विचार अभिव्यक्ति के आदान-प्रदान पर प्रकाश डाले,वरिष्ठ प्राध्यापक आदरणीय चंद्रभान खूंटे जी लक्ष्मणेश्वर महाविद्यालय खरौद द्वारा हिंदी राजभाषा एवं उसकी महत्व पर प्रकाश डाले, अंबेडकर महाविद्यालय पामगढ़ के प्रोफेसर महेंद्र ने हिंदी भाषा की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डाले पी एल महिपाल प्राचार्य ने भी कार्यक्रम को संबोधित किए। कार्यक्रम के अंत में संस्था के प्राचार्य आर. के . बंजारे के द्वारा आगंतुक अतिथियों को श्रीफल भागवत गीता एवं मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित कृति भेंट स्वरूप प्रदान किए उपस्थित विद्वानों में लेखक , साहित्यकार , कवि हृदय प्रोफेसर आदि शामिल हुए हमारे विद्यालय परिवार में पहली बार इतने बड़े विभूतियों शिक्षाविदो को एक साथ एक मंच में पाकर बहुत ही गौरवान्वित हुए निश्चित रूप से विद्यालय परिवार को इसका लाभ मिलेगा और हमारे विद्यार्थी इसका लाभ ले सकेंगे अंत में आर के बंजारे जी द्वारा आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम समापन किया गया। इस कार्यक्रम की सबसे खास बात ये रही कि बच्चों ने बहुत ही अनुशासित होकर धैर्यता के साथ व्याख्यान को सुने और हिन्दी भाषा के महत्त्व से भली भांति परिचित हुए।







