
सब इंस्पेक्टर बनकर जब घर पहुंची सुलेखा भव्य हुआ स्वागत

सुलेखा जांगड़े, पिता स्व भगदन जांगड़े ग्राम मुड़पार (च) की रहने वाली एक गरीब परिवार से आने वाली लड़की का चयन सब इंस्पेक्टर (SI)में हुआ है lउसका कहना है सब आसमान के सितारों को चमकता देखना पसंद करते हैं ,और मैं उन सितारो को अपने कंधों पर देखना आखिरकार उसने अपने लिए दो चमकते सितारे तोड़ ही लिए ,और बन गई इंस्पेक्टर साहिबा lउनके जीवन का सफर कांटो भरा था इतनी मुश्किलों के बाद भी उसने पढ़ना बंद नहीं किया पढ़ने में पहले से ही होशियार थी और अपने पढ़ाई को ही हथियार बना लिया और इतिहास रच दिया बन गई सब इंस्पेक्टर लगा ली अपने कंधों पर दो चमकते सितारे
यह मिसाल है उन सभी के लिए जिनको जीवन में आगे जाना है वह अपनी सफलता का श्रेय बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर को देती हैं l







