कांकेर में आदिवासियों की जीवन शैली पर आधारित संग्रहालय का उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने किया शुभारंभ…

कांकेर में आदिवासियों की जीवन शैली पर आधारित संग्रहालय का उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने किया शुभारंभ…

 

कोयाबाना आदिवासी संस्कृति संवर्धन संस्थान पुराना कचहरी राजमहल कांकेर में आदिवासियों की जीवन शैली पर आधारित संग्रहालय का उपमुख्यमंत्री अरूण साव छत्तीसगढ़ शासन, आशाराम नेताम, विधायक कांकेर ने फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर लोक साहित्यकार दामेसाय बघेल द्वारा स्वरचित हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं एवं कृष्णापाल राणा द्वारा स्वरचित हल्बा जनजाति एवं उनकी लोक-संस्कृति नामक पुस्तक 05-05 सेट आदिवासी संग्रहालय में भेंट किया गया। भाषा संस्थान भुवनेश्वर(ओडिशा) के तत्वाधान में कृष्णा पाल राणा,दामेसाय बघेल, हेमलता बघेल द्वारा तैयार तथा एन सी आर टी द्वारा

प्रकाशित हल्बी भाषा प्रवेशिका (हल्बी पिला गोठयानी) हल्बी, हिन्दी, अंग्रेजी भाषा में वर्ण माला, गिनती सचित्र पुस्तक ,कैंकर चो गौरव, अन्य पुस्तकें संग्रहालय को भेंट किया गया। संग्रहालय के अवलोकन के दौरान अतिथियों को हल्बा जनजाति की जीवन शैली पर आधारित संस्कृति, संस्कार के अंतर्गत जन्म संस्कार, विवाह संस्कार, मृत्यु संस्कार देव संस्कार,रीति रिवाज, मान्यताएं परम्पराएं, हल्बी भाषा के महत्व को बताया गया। जिससे गदगद होकर उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने दामेसाय बघेल की पीठ थपथपा कर उक्त कार्य की सराहना की गई। मंच में मुख्य अतिथियों को हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं और हल्बा जनजाति एवं उनकी लोक-संस्कृति नामक पुस्तक लोक साहित्यकार दामेसाय बघेल, पूर्व महासचिव हीरालाल मांझी, सीवन बघेल ने हल्बा समाज की और से भेंट किया। इस संस्थान में आदि वासियों के वेषभूषा ,सामाजिक ताना-बाना आने वाली पीढ़ियां देखकर समझ सकें।

उक्त अवसर पर कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर,हरेश मंडावी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कांकेर, रमेश कुमार निषाद जिला शिक्षा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा,नवनीत पटेल ,केजू राम सिन्हा,पंकज श्रीवास्तव ,सर्व आदिवासी समाज जिला अध्यक्ष  कन्हैया उसेंडी, शांति नूरूटी,धनाजू राम नरेटी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। लुप्त होने वाली सामाजिक ताना-बाना को संरक्षण संवर्धन जैसे ऐतिहासिक कार्य के लिए छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को सर्व आदिवासी समाज कांकेर की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!