
राजा रघुवंशी हत्याकांड : सोनम रघुवंशी को जमानत क्यों मिली, सबूतों का अभाव या गिरफ्तारी की खामी?
राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपित सोनम रघुवंशी को शिलॉंग कोर्ट से जमानत मिल गई है। इसकी मुख्य वजह गिरफ्तारी प्रक्रिया में गंभीर कानूनी खामियां रहीं।
इंदौर। राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपित और मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी को शिलॉंग कोर्ट से जमानत मिल गई है। इस बहुचर्चित मामले में ताजा घटनाक्रम ने जहां कई लोगों को हैरान कर लिया है वहीं मुख्य आरोपित को मिली जमानत को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। कानून के जानकारों की मानें तो सोनम को कोर्ट से मिली जमानत के पीछे सबसे अहम कारण गिरफ्तारी प्रक्रिया में गंभीर कानूनी खामियां रहीं।
गिरफ्तारी प्रक्रिया में चूक बनी जमानत की वजह
कोर्ट ने स्पष्ट पाया कि गिरफ्तारी के समय आरोपित को “ग्राउंड्स ऑफ अरेस्ट” प्रभावी तरीके से नहीं बताए गए। रिकॉर्ड में केवल एक सामान्य फॉर्मेट या चेकलिस्ट मौजूद थी, जिसमें न तो संबंधित धाराओं, विशेषकर धारा 103 बीएनएस का स्पष्ट उल्लेख था और न ही आरोपों के ठोस तथ्य दिए गए थे। ऐसे में आरोपित को यह समझने का अवसर ही नहीं मिला कि उसे किन आधारों पर गिरफ्तार किया गया है।
मौलिक अधिकार का उल्लंघन माना
कोर्ट ने इसे संविधान के अनुच्छेद 22(1) का उल्लंघन माना, जो हर आरोपित को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी का मौलिक अधिकार देता है। साथ ही यह भी माना गया कि इस कमी के कारण आरोपी को वास्तविक नुकसान (प्रेजुडिस) हुआ, क्योंकि वह अपने बचाव के लिए कानूनी तैयारी प्रभावी ढंग से नहीं कर सकी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला
कोर्ट के निर्णय में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों का भी हवाला दिया गया, जिनमें स्पष्ट किया गया है कि गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी न देना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में आरोपित को जमानत दी जा सकती है।







