
पामगढ़ में नहीं थम रहा खाद की कालाबाजारी, जिम्मेदार मौन इसलिए बढ़ रही दुकानदारों की मनमानी…
पामगढ़ 6 सितंबर 2025,
इस बार खरीफ की सीजन में यूरिया की भारी किल्लतों का सामना किसानों को करना पड़ रहा है, सही समय पर फसलों में यूरिया नहीं डाला गया तो इसका सीधा फर्क पैदावार पर पड़ना स्वाभाविक है. और पौधे की ग्रोथ में भी कमी होने लगेगा इसलिए किसानों का मलाल यह रहता है कि किसी भी तरह यूरिया का व्यवस्था हो और खेत में सही समय पर डाला जाए इस कारण किसानों को उचित मूल्य पर न मिलने पर दुकानदारों से महंगे दामों पर यूरिया लेने को मजबूर है, जिसका सीधा फायदा दुकानदार उठा रहे हैं. किसानों का कहना है कि यूरिया का कोई रेट नहीं है कोई 850 में बेच रहा है तो कोई 1000 पर आखिर किसान करे तो करें क्या महंगे दामों पर लेने को मजबूर है जिसका सीधा फायदा दुकानदार उठा रहे हैं और इतना ही नहीं किसानों को यह भी बोला जा रहा है कि अगर कोई पूछे तो 266 में यूरिया लिया हूं कहकर बोल देंना,
जिन पर जिम्मेदारी उन्होंने अब तक नहीं की कोई कार्यवाही जिनके कारण दुकानदारों को डर नहीं सता रहा इसलिए किसानों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए दोहरा लाभ कमा रहे हैं अगर एक बार अधिकारियों के द्वारा सघन कार्यवाही की जाए तो किसानों को सही मूल्य पर खाद मिलना शुरू हो जाएगा।
1. वर्जन
अभी तक तो मेरी जानकारी में नहीं आया है शिकायत मिलने पर जरूर कार्यवाही की जाएगी.
महेंद्र कुमार लहरे
तहसीलदार पामगढ़
2. वर्जन
सरकार के संरक्षण में दुकानदार अधिक दामों पर खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं पर्याप्त मात्रा में समर्थन मूल्य में किसानों को यूरिया मिलता तो यह दिन देखने को नहीं पड़ता.
प्रीति अजय दिव्य
जिला पंचायत सदस्य जांजगीर चांपा
3. वर्जन
यूरिया नहीं मिलने के कारण महंगे दामों पर दुकान से लेने को मजबूर है इसका फायदा सीधा दुकानदार उठा रहे हैं.
तुकाराम खांडे
किसान पामगढ
4. वर्जन
डबल इंजन की सरकार के द्वारा सितंबर माह में 60,800 मिट्रिक टन यूरिया का आवंटन स्वीकृत किया गया है. आपके द्वारा मिली जानकारी के अनुसार मैंने तत्काल एसडीम पामगढ़ को फोन कर जानकारी देते हुए महंगे दामों पर खाद को बेचने वालों पर टीम गठित करके कार्यवाही करने को कहा है.







