
तीन दिवसीय जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला का शुभारंभ
जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला में सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकारों, छात्र-छात्राओं ने दी मनमोहक प्रस्तुति
कृषि विज्ञान केन्द्र में कृषक संगोष्ठी एवं कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का किया गया आयोजन

जांजगीर-चांपा 11 फरवरी 2026/ तीन दिवसीय जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला का हाईस्कूल मैदान में दीप प्रज्जवलन कर अतिथियों द्वारा शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जांजगीर विधायक श्री ब्यास कश्यप, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी सत्यलता आनंद मिरी, नगर पालिका जांजगीर अध्यक्ष रेखा देवा गढे़वाल जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री गगन जयपुरिया, जिला पंचायत सभापति श्री राजकुमार साहू, श्री गुलाब चंदेल, श्री अमर सुल्तानिया, इंजी रवि पाण्डेय, श्रीमती नंदनी रजवाड़े, श्री पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह, श्री देवेश सिंह, श्री हितेश यादव, श्री अरमान खान, जिला पंचायत सदस्य, नगर पालिका पार्षद सहित कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्री विजय पांडेय, जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर श्री आर के तंबोली, संयुक्त कलेक्टर श्री संदीप ठाकुर सहित समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, किसान एवं आमजन उपस्थित रहे।
जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 के अवसर पर विधायक श्री ब्यास कश्यप ने कहा कि जांजगीर चांपा को किसी आयोजन ने विशिष्ट पहचान और गौरव दिलाया है, तो वह जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला है। विधायक श्री कश्यप् ने कहा कि कृषि मेले ने किसानों और कृषि व्यवसाय से जुड़े लोगों को सीधा लाभ पहुंचाया है। वैज्ञानिकों द्वारा नई तकनीकों और उन्नत कृषि विधियों की जानकारी मिलने से किसान आगे बढ़ रहे हैं। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से दोनों फसलों को पर्याप्त पानी मिल रहा है, जिससे क्षेत्र आर्थिक रूप से समृद्ध हुआ है।
इंजी. सत्यलता मिरी ने कहा कि लोक महोत्सव हमारे लिए पावन पर्व है। हमारे पूर्वजों ने जो संस्कृति और सभ्यता हमें सौंपी है, उसे सहेजने और आगे बढ़ाने का यह माध्यम है। जिले में पर्याप्त संसाधन हैं और आयोजन के माध्यम से कृषि नवाचार, प्रतिभा विकास और खेल के क्षेत्र में भी नई पहचान मिलती है। उन्होंने आमजन से स्टॉलों के माध्यम से अधिक से अधिक जानकारी लेने का आग्रह किया।
पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले ने इसे जिले के लिए गर्व का दिन बताया। उन्होंने कहा कि जिला गठन के समय से ही कृषि उपज को बढ़ाने के लिए नई तकनीकों के साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जांजगीर-चांपा लगभग 90 प्रतिशत सिंचित क्षेत्र है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलता है। श्रीमती रेखा देवा ने कहा कि लोक महोत्सव के माध्यम से लोक कला और संगीत को मंच मिलरहा है तथा प्रचार-प्रसार से योजनाओं और नवाचारों की जानकारी किसानों तक पहुंच रही। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री गगन जयपुरिया ने कहा कि यह मेला जांजगीर की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। इसके माध्यम से कृषि में उन्नयन होता है, परंपरा से जुड़ाव बढ़ता है और प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलता है। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने कहा कि यह महोत्सव जिले की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और नवाचार का संगम है, जिसकी गूंज प्रदेश सहित देशभर में सुनाई देती है। इस आयोजन की विशेषता यह है कि इसमें किसान भाई, स्थानीय नागरिक, कलाकार, छात्र-छात्राएं तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागी सक्रिय रूप से सहभागिता करते हैं। कलेक्टर ने कहा कि मेला न केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का मंच है, बल्कि कृषि तकनीक, उन्नत कृषि यंत्रों एवं नवाचारों की प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को नई जानकारी और अवसर भी प्रदान करता है। विभागीय स्टॉलों के माध्यम से विकास यात्रा और शासकीय उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है, जिससे आमजन को योजनाओं की जानकारी मिल सके। उन्होंने जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों एवं कलाकारों को मंच प्रदान करने को इस आयोजन की बड़ी उपलब्धि बताया और सभी नागरिकों से अनुशासन बनाए रखते हुए आयोजन को सफल बनाने में सहभागिता की अपील की। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले कलाकारों, स्कूली विद्यार्थियों को अतिथियों ने सम्मानित किया। मेला महोत्सव में विभिन्न विभागीय स्टॉलों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी दी गई।







