
तीन माह महाभियान के रूप में चलेगा “आवास दिवस” और “रोजगार दिवस
“मोर गांव-मोर पानी” से जल संरक्षण को मिलेगा नया आयाम
90 दिनों में पूर्ण होंगे सभी आवास, जनजागरूकता कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी संस्था, युवाओं-विद्यार्थियों की होगी भागीदारी

जांजगीर-चांपा 4 अप्रैल 2026। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आगामी तीन माह तक “आवास दिवस” एवं “रोजगार दिवस” का विशेष आयोजन किया जाएगा। इस दौरान ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और रोजगार सृजन को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा। जिले में रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन सतत रूप से किया जा रहा है। 07 अप्रैल को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव के साथ “आवास दिवस” एवं “रोजगार दिवस” का भव्य आयोजन किया जाएगा।
महा अभियान के दौरान महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के साथ ही “मोर गांव-मोर पानी महाअभियान” के तहत जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, भूमिपूजन और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान विकसित भारत जी राम जी योजना का प्रचार प्रसार किया जाएगा।
युक्तधारा पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से योजनाओं की मॉनिटरिंग करते हुए ट्रांजेक्ट वॉक द्वारा जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम स्तर पर वृक्षारोपण एवं नर्सरी कार्यों की व्यापक तैयारी की जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों को आजीविका के अवसर भी मिल सकें। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों को अधिकतम 90 दिनों में पूर्ण करने हेतु ग्राम सभाओं में कार्ययोजना बनाई जाएगी। हितग्राहियों को राशि की जानकारी, समस्याओं का समाधान, जियो-टैगिंग और शिकायतों का त्वरित निराकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
मनरेगा के तहत नए कार्य प्रारंभ करने, आजीविका डबरी के माध्यम से आय बढ़ाने तथा स्व-सहायता समूह की महिलाओं को सामग्री आपूर्ति और रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सी एल एफ के माध्यम से नए तालाब (तरिया) निर्माण हेतु स्थलों का चिन्हांकन कर दो माह में कार्य पूर्ण करने की योजना बनाई जाएगी। इससे जल संरक्षण के साथ ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी। मनरेगा एवं आवास योजनाओं की जानकारी QR कोड के माध्यम से आमजन तक पहुंचाई जाएगी। अमृत सरोवर सहित विभिन्न स्थलों पर सूचना पटल लगाए जाएंगे। जल संरक्षण एवं संवर्धन गतिविधियों में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जागरूकता का दायरा बढ़े।
इस महाअभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा शासकीय-अशासकीय संगठनों का सहयोग लिया जाएगा।







