पोंडीदलहा सेवा सहकारी समिति में दस्तावेजों को लेकर सवाल, आठ माह से रिकॉर्ड नहीं हुआ प्रस्तुत

पोंडीदलहा सेवा सहकारी समिति में दस्तावेजों को लेकर सवाल, आठ माह से रिकॉर्ड नहीं हुआ प्रस्तुत
अकलतरा। सेवा सहकारी समिति मर्यादित पोंडीदलहा में आय-व्यय एवं कार्यवाही रजिस्टर सहित अन्य दस्तावेजों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। उप आयुक्त, सहकारिता एवं उप पंजीयक कार्यालय जांजगीर-चांपा द्वारा समिति के प्रभारी संस्था प्रबंधक भारतेंदु सिंह सकरवार से करीब आठ माह से रिकॉर्ड एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन अब तक संबंधित दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किए जा सके हैं।
हाल ही में विभाग द्वारा जारी पत्र में वर्ष 2023-24 से अब तक के आय-व्यय एवं विभिन्न वित्तीय लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई है। पत्र में कई भुगतान एवं राशि आहरण के संबंध में प्रस्ताव, बिल, वाउचर तथा कार्यवाही पंजी प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आपत्ति दर्ज की गई है।
आठ माह से दस्तावेज नहीं पहुंचे, उठ रहे सवाल
समिति के आय-व्यय एवं कार्यवाही रजिस्टर को लेकर लगातार पत्राचार के बावजूद रिकॉर्ड कार्यालय में प्रस्तुत नहीं होने से अब समिति के कामकाज को लेकर तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि संबंधित दस्तावेज व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हैं तो उन्हें विभागीय कार्यालय में प्रस्तुत करने में इतनी लंबी अवधि क्यों लग रही है। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं होने के कारण ही वित्तीय लेनदेन एवं कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
विभागीय पत्र में वर्ष 2023-24 से वर्ष 2025-26 तक के विभिन्न आहरण एवं भुगतानों का उल्लेख करते हुए संबंधित प्रस्ताव, बिल, वाउचर और कार्यवाही पंजी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें धान खरीदी केंद्रों से संबंधित खर्च, कर्मचारियों के वेतन भुगतान तथा अन्य मदों में राशि के उपयोग का विवरण भी मांगा गया है।
दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की जानकारी भी मांगी
विभाग ने समिति में लगातार दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य कर रहे कर्मचारियों, उन्हें किए गए भुगतान, दैनिक वेतन भोगी के नाम एवं कार्य का विवरण तथा संबंधित बिल प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।
रिकॉर्ड नहीं मिलने पर जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस संबंध में प्राधिकृत अधिकारी देवसिंह अघरिया ने कहा, “रिकॉर्ड की जानकारी प्रभारी प्रबंधक भारतेंदु सिंह सकवार द्वारा लगभग आठ माह से उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। आगे जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
विभाग ने संबंधित पक्ष को अपना स्पष्ट स्पष्टीकरण एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में जानकारी प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि समिति के वित्तीय लेनदेन एवं दस्तावेजों को लेकर सामने आई आपत्तियों की वास्तविक स्थिति क्या है और इसमें किसकी जिम्मेदारी तय होती है।





