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मनरेगा से मिला सहारा, पशुपालन को मिली नई दिशा: हितग्राही तुलसाबाई के जीवन में आया बदलाव

मनरेगा से मिला सहारा, पशुपालन को मिली नई दिशा: हितग्राही तुलसाबाई के जीवन में आया बदलाव

 

जांजगीर-चांपा 13 मई 2026। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत ग्रामीण हितग्राहियों की आजीविका सुदृढ़ करने हेतु जिले में लगातार उपयोगी कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत धुरकोट में हितग्राही  तुलसाबाई पति रामशंकर के लिए मवेशी शेड निर्माण कार्य कराया गया, जिससे उनके पशुपालन कार्य को नई मजबूती मिली है।
तुलसाबाई पहले अपने मवेशियों को खुले स्थान पर रखती थीं, जिससे बारिश, धूप एवं मौसम के प्रभाव से पशुओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पशुओं के बीमार होने का खतरा बना रहता था तथा देखभाल में भी कठिनाई होती थी। इस समस्या को देखते हुए मनरेगा अंतर्गत मवेशी शेड का निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया। कार्य में 72 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद अब तुलसाबाई के मवेशियों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित स्थान मिल गया है। इससे पशुओं की देखभाल बेहतर तरीके से हो रही है तथा पशुपालन कार्य में सुविधा बढ़ी है। वर्तमान में वे अपने पशुओं का व्यवस्थित रूप से पालन कर रही हैं, जिससे परिवार की आय में भी वृद्धि हो रही है।
तुलसाबाई ने बताया कि पहले पशुओं को रखने के लिए उचित व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब शेड बनने से काफी राहत मिली है। पशुओं से प्राप्त गोबर का उपयोग जैविक खाद बनाने में किया जा रहा है, जिससे खेती में लाभ मिल रहा है तथा फसलों की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। इस निर्माण कार्य में मनरेगा के तहत स्थानीय श्रमिकों को भी रोजगार प्राप्त हुआ। महात्मा गांधी नरेगा द्वारा यह कार्य ग्रामीणों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है। गांव के अन्य लोग भी अब मनरेगा के माध्यम से पशुपालन एवं आजीविका आधारित कार्यों के लिए आगे आ रहे हैं। इस प्रकार यह पहल न केवल एक हितग्राही के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है, बल्कि गांव के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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