ग्राम कोसा के मृतक अमित भंडारी की हत्या के षड्यंत्र में बड़ा खुलासा एक महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार’

ग्राम कोसा के मृतक अमित भंडारी की हत्या के षड्यंत्र में बड़ा खुलासा एक महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार’
ब्रेन मैपिंग पॉलीग्राफ एवं नार्को टेस्ट जैसे आधुनिक तकनीक का उपयोग मामले सुलझाने में
पिछले दो माह से पुलिस के समक्ष गुत्थी बने मामले को पुलिस ने सुलझाया
➢ प्रेम प्रसंग बना हत्या का कारण
➢ गिरफ्तार आरोपी (1) बजरंग सिंह क्षत्रिय, (2) पप्पू सिंह क्षत्रिय, (3) संतोषी सिंह क्षत्रिय
➢ हत्या में प्रयुक्त साधन (1) छोटा फावड़ा/रापा, (2) लोहे की छोटी सीढ़ी
➢ 200 से अधिक टावर डम्प, सीडीआर, आईपीडीआर, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण
➢ फोरेन्सिक तकनीकी विश्लेषण का उपयोग जिसमें एल.व्ही.ए., ब्रेन मैपिंग, नार्को टेस्ट शामिल
➢ घटना स्थल का रि-क्रिएशन/पुनर्निर्माण
➢ पोस्ट मार्टम का पुनर्विश्लेषण
➢ 7 वर्षों से अधिक की अनुभवि वरिष्ठ ट्रेनर डॉग विमला की विशिष्ट भूमिका

पामगढ़ 9 सितंबर 2026 /
27 जून 2026 की रात थाना मुलमुला क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोसा में अपने घर से निकले युवक अनिल भंडारी का मृत शरीर एक दिन बाद 29 जून को सुबह गांव के ही अमहदा तालाब के बगल में एक निर्जन बाड़ी में बरामद हुआ था। गांव के बीचो-बीच हुए इस हत्या की विभिन्न पहलुओं को लेकर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की, जिसमें मुख्य रूप से मृतक का गांव के ही संतोषी सिंह नामक एक युवती से प्रेम प्रसंग, गांव में रात में होने वाले जुआ शराब आदि से जुड़े असामाजिक तत्वों की भूमिका साथ ही पिछले ग्राम पंचायत चुनाव के समय हुए विवाद को मुख्य रूप से पुलिस ने अपनी जांच में शामिल किया था। जांच में विभिन्न तकनीकी बिंदुओं जैसे CDR, IPDR एनालिसिस, टावर डंप, जीपीएस, सीसीटीवी फुटेज, संदेहियों के घटना के समय के लोकेशन के साथ-साथ घटना का मकसद और घटना के बाद उत्पन्न हुई परिस्थितियों की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए जिला पुलिस कप्तान द्वारा SIT बनाकर जब तेजी से जांच करना शुरू कराया गया तो जो तथ्य और कहानी सामने आए वह चौंकाने वाले थे।
मृतक अमित भंडारी का गांव के ही युवती संतोषी सिंह से उसके विवाह के पूर्व से ही प्रेम प्रसंग था, विवाह के बाद भी वे आपस में बातें किया करते थे, अमित भंडारी बाहर रहकर काम किया करता था जब जब वह गांव वापस लौटता था तब संतोषी भी अपने पति से लड़-झगड़ कर गांव आ जाती थी गांव में दोनो रात-रात भर फोन से बातें करते थे। घटना दिनांक की रात को भी अमित भंडारी और संतोषी सिंह रात को लगभग 1:30 बजे तक फोन में बातें करते रहे इसके बाद रात्रि लगभग 2:30 बजे के आसपास अमित, संतोषी सिंह से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा उसी समय संतोषी सिंह का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म कर घर लौटा तथा घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर जब वह घर के पीछे गया तो अपनी बहन के साथ मृतक अमित को देखकर अपना आपा खो बैठा और वहीं मृतक से वाद विवाद कर मारपीट चालू कर दी। अंधेरे में मृतक अमित का सर पीछे दीवार में टकराने से वहां खून का धब्बा लग गया था, अमित भंडारी वहां से जान बचाकर भागने की नियत से पीछे दीवार को फांदने का प्रयास कर रहा था तब आरोपी बजरंग सिंह ने पास ही पड़े छोटे फावड़े/रापा से अमित की सर और छाती पर वार कर उसकी हत्या कर दी। आवेश में आकर हत्या करने के बाद घबराकर बजरंग सिंह ने अमित की लाश को पीछे बाड़ी में ही झुरमुट के नीचे छुपा दिया था क्योंकि उसी रात गांव में चोरी होने की सूचना पर डायल 112 गांव कोसा आया हुआ था और रात में गांव में लोग जगे हुए थे जिससे उसी रात को ही अमित की लाश को कहीं अन्य रखने पर पकड़े जाने का खतरा था। इस पूरी घटना को उसकी बहन संतोषी सिंह ने देखा था और मृतक के शव को छुपाने में मदद भी की थी। अगले दिन दिनांक 28 जून को जब आरोपी बजरंग सिंह का बड़ा भाई पप्पू सिंह काम के बाद वापस गांव लौटा तो बजरंग ने बीती रात की पूरी घटना उसे बताई और उसे सहयोग करने के लिए कहा, दोनों प्लान बनाकर मृतक के परिजनों के साथ अमित भंडारी को ढूंढने का नाटक करते रहे और पुलिस को चकमा देने की नियत परिजनों के साथ गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने पुलिस थाना मुलमुला भी गए थे। बाद में रात को वापस गांव आकर दोनों आरोपियों ने 28 जून की मध्य रात्रि लगभग 12:00 बजे मौका देखकर अमित भंडारी के शव को गांव के बीचो-बीच ऐसे स्थान पर रख दिया जहां पुलिस को उन पर शक ना हो। पुलिस टीम द्वारा सूचना मिलने पर अगले दिन 29 जून को अज्ञात में अपराध पंजीकृत कर विभिन्न पहलुओं पर सघन जांच की जा रही थी बिलासपुर से आई ट्रैकर डॉग विमला द्वारा दिए गए लीड, आरोपियों के लोकेशन, घटना के बाद इनका संदिग्ध व्यवहार, पूछताछ में बार-बार कथन में बदलाव तथा नार्को टेस्ट, पॉलीग्राफ व ब्रेन मैपिंग द्वारा संदेह रहित हो जाने के बाद आरोपियों से जब पुनः सख्ती से पूछताछ की गई तो आरोपियों द्वारा घटना करना कबूल कर लिया गया और घटना में प्रयुक्त हथियार छोटा फावड़ा/रापा और मृतक के शव को ले जाकर अन्यत्र रखने के लिए उपयोग में लाई गई छोटी सीढ़ी को पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही में बरामद किया। तीनों आरोपियों बजरंग सिंह, संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर लिया है इनमें से संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, तथा बजरंग सिंह का पुलिस रिमांड लेकर फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन का आधुनिक तकनीक परीक्षण कराया जायेगा।






