पुलिस की पहल से बदल रही साबरिया समाज की तस्वीर, गृह उद्योग से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
एसपी विजय कुमार पांडेय के जागरूकता अभियान का दिखने लगा असर, 19 गांवों तक पहुंची पुलिस; अपराधियों में भय और आमजनों में सुरक्षा का विश्वास

पुलिस की पहल से बदल रही साबरिया समाज की तस्वीर, गृह उद्योग से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
एसपी विजय कुमार पांडेय के जागरूकता अभियान का दिखने लगा असर, 19 गांवों तक पहुंची पुलिस; अपराधियों में भय और आमजनों में सुरक्षा का विश्वास

अकलतरा। समाज की मुख्यधारा से जुड़ने और आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में साबरिया समाज में बदलाव देखने को मिल रहा है। पुलिस प्रशासन की पहल पर प्रशिक्षण प्राप्त कर समाज के लोग अब फिनाइल, हैंडवॉश, साबुन, हार्पिक और हर्बल उत्पादों का निर्माण कर रहे हैं। सीमित संसाधनों के बीच शुरू हुई यह पहल उनके लिए रोजगार का माध्यम बनने के साथ आत्मनिर्भरता की नई राह भी खोल रही है।
थाना अकलतरा अंतर्गत पुलिस सहायता केंद्र कोटमी सोनार के अधीन ग्राम कोटमी सोनार स्थित साबरिया डेरा में जिला पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय की पहल पर जागरूकता अभियान चलाया गया था। अभियान से प्रेरित होकर धनवार एवं साबरिया समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने घरेलू उपयोग की वस्तुओं का निर्माण शुरू किया। इस पहल से समाज के लोगों में स्वरोजगार के प्रति रुचि बढ़ी है और आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
गृह उद्योग से मिल रही नई पहचान
एक समय साबरिया समाज की पहचान नशे की समस्या से जोड़कर देखी जाती थी, लेकिन अब समाज के लोग स्वरोजगार और सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। फिनाइल, हैंडवॉश, साबुन, हार्पिक और हर्बल उत्पाद तैयार कर वे अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास कर रहे हैं। रोजगार से जुड़ाव के साथ परिवारों में बच्चों की शिक्षा के प्रति भी जागरूकता बढ़ रही है। समाज के बच्चे स्कूल और कॉलेज तक पहुंचकर बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
पुलिस सहायता केंद्र का एक वर्ष पूर्ण, 19 गांवों तक पहुंची पुलिस
ग्राम कोटमी सोनार में पुलिस सहायता केंद्र की स्थापना का एक वर्ष पूर्ण हो गया है। केंद्र के अधीन 19 गांवों के जुड़ने से ग्रामीणों तक पुलिस की पहुंच आसान हुई है। अब लोगों को पुलिस से संबंधित समस्याओं और शिकायतों के लिए दूर जाने में लगने वाले समय और खर्च में बचत हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी विनोद जाटवर द्वारा लगातार कार्रवाई किए जाने से अपराधियों में भय और आमजनों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हुआ है। क्षेत्र में पुलिस की उपलब्धता से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं रखने और पुलिस से संपर्क करने में सहूलियत मिल रही है।
साबरिया उत्थान कार्यक्रम से बदलाव की उम्मीद

जांजगीर-चांपा जिले में साबरिया समाज को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे प्रयास सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगा रहे हैं। जागरूकता, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के माध्यम से समाज के लोग आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। वहीं, बच्चों का शिक्षा से जुड़ाव समाज के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर प्रशासन और साबरिया डेरा की छवि खराब करने के उद्देश्य से भ्रामक खबरें फैलाए जाने की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे मामलों में तथ्यों की पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जरूरी है। समाज के उत्थान से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन, पुलिस और स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
साबरिया समाज में उभरता बदलाव और पुलिस सहायता केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों तक पहुंची पुलिस की सुविधा, क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता तथा सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।






