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कृषि विज्ञान केंद्र जांजगीर में आयोजित हुआ गेंदा तिहार, किसानों को फूलों की खेती एवं नई तकनीकों को अपनाने के लिए किया प्रोत्साहित

कृषि विज्ञान केंद्र जांजगीर में आयोजित हुआ गेंदा तिहार, किसानों को फूलों की खेती एवं नई तकनीकों को अपनाने के लिए किया प्रोत्साहित

जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर सहित जनप्रतिनिधि हुए शामिल

 

 

जांजगीर-चांपा, 3 नवंबर 2026। जिले में फूलों की खेती को प्रोत्साहित करने, किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोड़ने तथा उनकी आय में वृद्धि के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र जांजगीर में गेंदा तिहार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम फूलों की खेती की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए किसानों को परंपरागत खेती के साथ उद्यानिकी एवं फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही किसानों को विभागीय योजनाओं, फूलों की खेती की तकनीक एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर उन्नतशील किसानों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत सदस्य राजकुमार साहू, शाकम्भरी बोर्ड के सदस्य बसंत पटेल, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, कृषि महाविद्यालय के डीन मनीष कुमार, उप संचालक कृषि राकेश शर्मा, सहायक संचालक उद्यानिकी रंजना मखीजा, केवीके प्रमुख महंत, प्रगतिशील कृषक दुष्यंत सिंह, नारायण गवेल, संजय सिंह, शिवकुमार तिवारी, संदीप तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान व कृषि महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने तथा उनकी आय में वृद्धि के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारा जिला कृषि की दृष्टि से समृद्ध है, जिले की उपजाऊ मिट्टी एवं अनुकूल कृषि परिस्थितियां किसानों के लिए अनेक संभावनाएं उपलब्ध कराती हैं। उन्होंने किसानों से फ्लोरीकल्चर एवं हॉर्टिकल्चर को अपनाने तथा फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। जिला पंचायत सदस्य राजकुमार साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसानों को कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि हमारा प्रदेश कृषि प्रधान है और किसान देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। किसानों के परिश्रम से ही देश की खाद्य सुरक्षा एवं अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होती है। किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसान गेंदा फूल की खेती कर रहे हैं। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं विभिन्न आयोजनों में गेंदा फूल की मांग बनी रहती है। समय के साथ गेंदा फूल की मांग में भी वृद्धि हो रही है। ऐसे में फूलों की खेती किसानों के लिए आय का बेहतर माध्यम बन सकती है।
कलेक्टर ने कहा कि किसानों को केवल गेंदा ही नहीं, बल्कि अन्य प्रकार के फूलों की खेती की ओर भी आगे बढ़ना चाहिए। जिले में इस क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं, जिनका लाभ लेने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मिट्टी परीक्षण के आधार पर उपयुक्त फसलों का चयन कर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं। रबी सीजन में भी विभिन्न उद्यानिकी एवं फूलों की फसलों को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती के साथ नई संभावनाओं को अपनाने तथा उद्यानिकी विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों से तकनीकी मार्गदर्शन लेकर खेती में विविधीकरण करने की अपील की।

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