कलेक्टर ने मेसर्स शारदा मॉ लॉजिस्टिक्स प्रा. लि. को जारी किया नोटिस

कलेक्टर ने मेसर्स शारदा मॉ लॉजिस्टिक्स प्रा. लि. को जारी किया नोटिस
अनियमितताएं पाए जाने पर 15 दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश
जांजगीर-चांपा, 31 अगस्त 2026। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने ग्राम कन्हाईबंद, तहसील जांजगीर स्थित मेसर्स शारदा मॉ लॉजिस्टिक्स प्रा. लि. को खनिज कोयले के अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्ति से संबंधित अनियमितताओं एवं नियमों के उल्लंघन के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संबंधित फर्म को नोटिस में उल्लेखित अनियमितताओं के संबंध में 15 दिवस के भीतर कार्यालय कलेक्टर जिला जांजगीर-चांपा में उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी नोटिस के अनुसार ग्राम कन्हाईबंद में कुल 1.503 हेक्टेयर क्षेत्र में एक समय में 80 हजार मीट्रिक टन खनिज कोयले के अस्थायी भंडारण के लिए फर्म को अनुज्ञप्ति प्रदान की गई है। उक्त अनुज्ञप्ति की अवधि 26 फरवरी 2020 से 25 फरवरी 2030 तक निर्धारित है। खनि निरीक्षक द्वारा मौके की जांच, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जांजगीर एवं नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय जांजगीर से प्राप्त प्रतिवेदन तथा कार्यालयीन अभिलेखों के परीक्षण के दौरान विभिन्न कमियां एवं नियमों का उल्लंघन पाया गया है।
जांच में पाया गया कि स्वीकृत अस्थायी अनुज्ञा क्षेत्र को तार फेंसिंग अथवा ईंट की दीवार से घेराव नहीं किया गया है, जो छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के नियम 14 (9) (एक) का उल्लंघन है। इसी प्रकार जांच के दौरान अस्थायी भंडारण क्षेत्र में खनिज कोयले की प्राप्ति एवं अन्यत्र भेजे गए खनिज अथवा उसके उत्पादों की मात्रा एवं अन्य आवश्यक विवरण निर्धारित प्रारूप अथवा रजिस्टर में संधारित नहीं पाए गए। जांच के दौरान मांग किए जाने पर आवश्यक अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए गए, जो नियम 14 (दो) का उल्लंघन है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि फर्म द्वारा अस्थायी भंडारण क्षेत्र से संबंधित मासिक विवरणी प्रस्तुत नहीं की जा रही है, जो छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के नियम 14 (दो-क) का उल्लंघन है। जांच के दौरान भंडारण क्षेत्र में प्राथमिक चिकित्सा, अग्निशमन यंत्र तथा मजदूरों के लिए आवश्यक प्राथमिक सुरक्षा किट की व्यवस्था नहीं पाई गई, जो नियम 14 (9) (दो एवं तीन) का उल्लंघन है।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जांजगीर से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार फर्म द्वारा 1.948 हेक्टेयर अर्थात 4.80 एकड़ क्षेत्र में कोल डिपो का संचालन किया जा रहा है, जबकि फर्म को केवल 1.503 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए भंडारण अनुज्ञप्ति प्राप्त है। इसे अनुज्ञप्ति की शर्तों एवं अनुबंध विलेख में उल्लेखित शर्तों का उल्लंघन बताया गया है। इसके अतिरिक्त अनुज्ञा क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में वृक्षारोपण नहीं पाया गया तथा प्रदूषित पानी का उचित उपचार किए बिना उसे नाले में प्रवाहित किया जाना भी जांच में सामने आया है।
उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त पत्र के अनुसार ग्राम कन्हाईबंद के खसरा नंबर 645/5, 645/8, 645/30, 645/6, 645/17, 645/3, 645/4, 645/21 एवं 645/25 जांजगीर विकास योजना अंतर्गत शामिल क्षेत्र में हैं। उक्त भूमि पर विकास अनुज्ञा के लिए आवेदन प्रस्तुत किए बिना अवैध निर्माण कर व्यावसायिक कोल भंडारण का कार्य संचालित किया जाना पाया गया है। इस संबंध में भूमि विकास अथवा अवैध निर्माण हटाने अथवा भूमि को पूर्व स्थिति में प्रत्यावर्तित करने के लिए संबंधित विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया है। वहीं, कार्यालय दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर से प्राप्त पत्र के अनुसार कोल डिपो संचालन के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों में रेलवे अंडरब्रिज को उचित रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया तथा गलत अथवा अपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के संबंध में रेलवे द्वारा भी आपत्ति दर्ज की गई है। कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में फर्म को निर्देशित किया गया है कि उपरोक्त अनियमितताओं एवं नियमों के उल्लंघन के संबंध में 15 दिवस के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के नियम 14, प्ररूप-7 एवं प्ररूप-21 के भाग दो (1) एवं भाग तीन (2) के उल्लंघन के लिए नियम 15 के तहत एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होगी।





